भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएँ

06/10/2026 by SarkariTeaching.com

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। CTET, UPTET, STET, BPSC Teacher भर्ती परीक्षा और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं (Sarkari Exams) में ‘भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन’ (Indian National Movement) से कई प्रश्न पूछे जाते हैं।

इस लेख में 1904 से लेकर 1947 तक की सभी प्रमुख घटनाओं का वर्षवार विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है, ताकि आपकी परीक्षा की तैयारी आसान हो सके।


भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: वर्षवार घटनाक्रम (1904 – 1947)

वर्षप्रमुख घटनासंक्षिप्त विवरण
1904भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारितकर्जन के काल में उच्च शिक्षा पर नियंत्रण के लिए लागू
1905बंगाल का विभाजनलॉर्ड कर्जन द्वारा विभाजन; स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत
1906मुस्लिम लीग की स्थापनाढाका में आगा खां और नवाब सलीमुल्लाह द्वारा
1907सूरत अधिवेशन (कांग्रेस में फूट)कांग्रेस का गरम दल और नरम दल में विभाजन
1909मार्ले-मिंटो सुधारमुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र की व्यवस्था
1911दिल्ली दरबारबंगाल विभाजन रद्द किया गया; राजधानी कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित
1916होमरूल लीग का निर्माणबाल गंगाधर तिलक एवं एनी बेसेंट द्वारा
1916लखनऊ पैक्ट (मुस्लिम लीग-कांग्रेस समझौता)कांग्रेस के दोनों धड़ों और मुस्लिम लीग में समझौता
1917चंपारण सत्याग्रहमहात्मा गांधी का भारत में पहला सत्याग्रह (नील किसानों के लिए)
1919रौलेट अधिनियम (Rowlatt Act)बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील का काला कानून
1919जलियाँवाला बाग हत्याकांड13 अप्रैल को अमृतसर में जनरल डायर द्वारा गोलियाँ चलाने का आदेश
1919मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारप्रांतों में द्वैध शासन लागू किया गया
1920खिलाफत आंदोलनतुर्की के खलीफा के समर्थन में अली बंधुओं द्वारा प्रारंभ
1920असहयोग आंदोलनमहात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश शासन के विरुद्ध पहला जन-आंदोलन
1922चौरी-चौरा कांडगोरखपुर में हिंसक घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस लिया गया
1927साइमन कमीशन की नियुक्तिब्रिटिश सरकार द्वारा भारत में संवैधानिक सुधारों की समीक्षा हेतु
1928साइमन कमीशन का भारत आगमनभारतीयों द्वारा ‘साइमन गो बैक’ के नारों के साथ विरोध
1929केंद्रीय असेंबली में बम विस्फोटभगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा विरोध स्वरूप बम फेंका गया
1930सविनय अवज्ञा आंदोलन / दांडी यात्रानमक कानून तोड़ने हेतु गांधी जी द्वारा आंदोलन शुरू
1930प्रथम गोलमेज सम्मेलनलंदन में आयोजित; कांग्रेस ने भाग नहीं लिया
1931द्वितीय गोलमेज सम्मेलनगांधी-इरविन समझौते के बाद महात्मा गांधी ने भाग लिया
1932तृतीय गोलमेज सम्मेलनलंदन में अंतिम सम्मेलन; कांग्रेस ने बहिष्कार किया
1932सांप्रदायिक पंचाट (Communal Award)रैमसे मैकडोनाल्ड द्वारा दलितों हेतु पृथक निर्वाचन की घोषणा
1932पूना पैक्टमहात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के बीच ऐतिहासिक समझौता
1942भारत छोड़ो आंदोलन8 अगस्त को गांधी जी द्वारा ‘करो या मरो’ का नारा
1942क्रिप्स मिशन का आगमनसर स्टेफर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में भारत आया असफल प्रस्ताव
1943आजाद हिन्द फौज की स्थापनानेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा पुनर्गठित
1946कैबिनेट मिशन का आगमनपैथिक लॉरेंस, स्टेफर्ड क्रिप्स और ए.वी. अलेक्जेंडर का भारत आगमन
1946संविधान सभा का निर्वाचनभारत के संविधान निर्माण हेतु पहली बैठक और चुनाव
1946अंतरिम सरकार की स्थापनाजवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन
1947माउंटबेटन योजनाभारत और पाकिस्तान के विभाजन की आधिकारिक योजना
1947भारतीय स्वतंत्रता15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना

प्रमुख घटनाओं का विस्तृत विवरण (Detailed Analysis)

1. बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन (1905)

लॉर्ड कर्जन ने 1905 में ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति के तहत बंगाल का विभाजन किया। इसके विरोध में संपूर्ण भारत में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ। जनता ने विदेशी कपड़ों की होली जलाई और स्वदेशी सामान अपनाने का संकल्प लिया। 1911 के दिल्ली दरबार में विरोध के कारण विभाजन को रद्द कर दिया गया।

2. गांधी जी का भारत आगमन और चंपारण सत्याग्रह (1917)

दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद महात्मा गांधी ने 1917 में बिहार के चंपारण से अपना पहला सत्याग्रह शुरू किया। यह आंदोलन ‘तिनकठिया प्रणाली’ (जमीन के 3/20 भाग पर नील की खेती) के खिलाफ किसानों को राहत दिलाने के लिए चलाया गया था, जो पूरी तरह सफल रहा।

3. जलियाँवाला बाग हत्याकांड और असहयोग आंदोलन (1919–1920)

  • जलियाँवाला बाग (13 अप्रैल 1919): रोलेट एक्ट का विरोध कर रही शांतिपूर्ण सभा पर जनरल डायर ने अंधाधुंध गोलियाँ चलवा दीं, जिसमें सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए।
  • असहयोग आंदोलन (1920): इसके जवाब में महात्मा गांधी ने 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू किया। लेकिन चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) की हिंसक घटना के बाद गांधी जी ने यह आंदोलन स्थगित कर दिया।

4. सविनय अवज्ञा आंदोलन और दांडी यात्रा (1930)

12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने अपने 78 अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील की पैदल यात्रा की। 6 अप्रैल 1930 को समुद्र तट पर नमक बनाकर कानून तोड़ा और सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।

5. भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 8 अगस्त 1942 को मुंबई के गवालिया टैंक मैदान से महात्मा गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का आह्वान किया और ‘करो या मरो’ (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया। इसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी।

6. कैबिनेट मिशन और भारतीय स्वतंत्रता (1946–1947)

1946 में आए कैबिनेट मिशन के तहत संविधान सभा का गठन हुआ। 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना के तहत भारत-पाकिस्तान विभाजन की घोषणा हुई और अंततः 15 अगस्त 1947 को भारत को पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न (Practice MCQs)

प्रश्न 1: महात्मा गांधी ने भारत में अपना पहला सत्याग्रह कहाँ शुरू किया था?

  • (A) केड़ा
  • (B) बारडोली
  • (C) चंपारण
  • (D) दांडी
  • उत्तर: (C) चंपारण (1917)

प्रश्न 2: ‘करो या मरो’ का नारा किस आंदोलन में दिया गया था?

  • (A) असहयोग आंदोलन
  • (B) सविनय अवज्ञा आंदोलन
  • (C) भारत छोड़ो आंदोलन
  • (D) खिलाफत आंदोलन
  • उत्तर: (C) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

प्रश्न 3: पूना पैक्ट (1932) किन दो नेताओं के बीच हुआ था?

  • (A) महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू
  • (B) महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर
  • (C) सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी
  • (D) डॉ. बी.आर. आंबेडकर और लॉर्ड इरविन
  • उत्तर: (B) महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर

निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (1904–1947) का इतिहास केवल तिथियों का समूह नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की कहानी है। यदि आप CTET, UPTET, BPSC Teacher या किसी अन्य Sarkari Exam की तैयारी कर रहे हैं, तो इन तिथियों और घटनाओं को अच्छे से याद कर लें।

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