24/03/2026 by SarkariTeaching.com
हम रोज़ सूरज को उगते और ढलते देखते हैं, लेकिन असल में सूरज नहीं, बल्कि हमारी पृथ्वी ही लगातार गतिमान रहती है। पृथ्वी की ये गतियाँ ही दिन-रात, मौसम और साल के बदलाव का कारण बनती हैं। यही वजह है कि भूगोल में पृथ्वी की गतियों को समझना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
पृथ्वी की गतियाँ —घूर्णन (Rotation) और परिक्रमण (Revolution) पर आधारित 50+ महत्वपूर्ण MCQ अभ्यास प्रश्न, उत्तर सहित। दिन-रात निर्माण, ऋतु परिवर्तन, लीप वर्ष, अक्ष झुकाव (23.5°) और कोरिओलिस प्रभाव जैसे परीक्षा-उन्मुख concepts को कवर करता हुआ best पृथ्वी की गतियाँ MCQ in Hindi सेट। CTET, UPTET, REET, KVS, DSSSB, राज्य TET, शिक्षक भर्ती और सभी competitive exams के लिए बेहद उपयोगी Prithvi ki gatiyan MCQ practice set। GK भूगोल की तैयारी को मजबूत करें और अपनी exam performance को boost करें।
पृथ्वी सौरमंडल का तीसरा ग्रह है और यह दो प्रमुख गतियाँ करती है:
- घूर्णन (Rotation) → अपनी धुरी पर घूमने को घूर्णन कहलाता है
- परिक्रमण (Revolution) → सूर्य के चारों ओर घूमना परिक्रमण कहलाता है।
ये दोनों गतियाँ पृथ्वी पर दिन-रात, समय प्रणाली, मौसम, ऋतु परिवर्तन और जीवन-अनुकूल परिस्थितियों को नियंत्रित करती हैं।
1. घूर्णन (Rotation)
पृथ्वी अपनी काल्पनिक धुरी (Axis) पर पश्चिम से पूर्व (West → East) दिशा में घूमती है।
मुख्य तथ्य
- 1 घूर्णन पूरा करने में समय → 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकंड (लगभग 24 घंटे)
- इसी कारण पृथ्वी पर → दिन और रात बनते हैं
- घूर्णन से प्रभावित होते हैं:
- समय अंतर (Longitude based time)
- हवाओं और महासागरीय धाराओं की दिशा
- Coriolis Effect
Coriolis Effect सरल भाषा में:
- उत्तरी गोलार्ध में वस्तुएँ → दाईं ओर मुड़ती हैं
- दक्षिणी गोलार्ध में → बाईं ओर मुड़ती हैं
2. परिक्रमण (Revolution)
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्तीय कक्षा (Elliptical Orbit) में घूमती है।
मुख्य तथ्य
- 1 परिक्रमण पूरा करने में समय → 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड
- 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकंड extra समय के कारण → हर 4 साल में 1 लीप वर्ष (366 दिन) आता है
- इसी गति से बनती हैं → ऋतुएँ (Seasons)
परिक्रमण से प्रभावित होते हैं:
- ऋतु परिवर्तन
- सूर्य की किरणों का कोण
- दिन-रात की अवधि का बदलना
- अपसौर और उपसौर की स्थिति
अपसौर और उपसौर (Important for exams)
| स्थिति | दूरी | प्रभाव |
|---|---|---|
| उपसौर (Perihelion) | पृथ्वी सूर्य के सबसे पास | 3 जनवरी के आसपास, गति तेज़ |
| अपसौर (Aphelion) | पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर | 4 जुलाई के आसपास, गति धीमी |
ऋतुएँ क्यों बदलती हैं?
पृथ्वी की धुरी 23.5° झुकी हुई है।
परिक्रमण के दौरान यही झुकाव सूर्य की किरणों को अलग-अलग गोलार्धों में कम-ज़्यादा angle पर गिराता है, जिससे:
- गर्मी
- सर्दी
- बसंत
- पतझड़
- मानसून
जैसी ऋतुएँ बनती हैं।
दिन-रात की अवधि क्यों बदलती है?
- भूमध्य रेखा पर → दिन-रात लगभग बराबर होते हैं
- ध्रुवों पर → 6 महीने दिन, 6 महीने रात होती है
- 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में → सबसे लंबा दिन होता है
- 22 दिसंबर को दक्षिणी गोलार्ध में → सबसे लंबा दिन होता है

पृथ्वी दो प्रमुख गतियाँ करती है—घूर्णन और परिक्रमण। घूर्णन अपनी धुरी पर 24 घंटे में पश्चिम से पूर्व होता है, जिससे दिन-रात बनते हैं। परिक्रमण सूर्य के चारों ओर 365 दिन में elliptical orbit में होती है, जिससे ऋतुएँ बदलती हैं। 1° घूर्णन दिशा Coriolis प्रभाव, और 3 जनवरी/4 जुलाई उपसौर-अपसौर तथ्य परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Read This —–
पृथ्वी की गतियाँ MCQ
पृथ्वी की गतियों को समझना परीक्षा की पहली सीढ़ी है, लेकिन MCQ अभ्यास इसे आपकी सबसे मजबूत पकड़ बनाता है। हर सवाल आपकी speed, accuracy और recall power को बढ़ाता है। आप जितना अधिक practice करेंगे, concepts उतने स्थायी होंगे। आज से अपना लक्ष्य बनाएँ—रोज़ 50+ MCQ हल करें, revision दोहराएँ और तैयारी को unbeatable बनाएँ। आप अभ्यास से ही सफलता के सबसे करीब पहुँचते हैं!